NEET UG 2023 : नीट यूजी परीक्षा में कई बड़े बदलाव, इस दिन से भरें जायेंगे फॉर्म.

नीट के लिए आवेदन पांच मार्च से शुरू होगा। छात्रों को एक माह का समय आवेदन के लिए मिलेगा। प्रवेश परीक्षा सात मई को होनी है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के महानिदेशक विनीत जोशी ने बताया कि परीक्षा एनटीए ही कराएगी। सिलेबस एनएमसी उपलब्ध कराती है।

पिछले साल 18 लाख से अधिक छात्रों ने प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन किया था। इसबार 20 लाख से अधिक छात्र आवेदन करेंगे। इसी परीक्षा से मेडिकल कॉलेजों में नामांकन होता है।

इस बार एक लाख सीटों पर दाखिला देशभर में एमबीबीएस सीटों की संख्या में वृद्धि हुई है। इस बार एक लाख सीटों पर दाखिला होगा। छह नए मेडिकल कॉलेजों की घोषणा की गई है। इनमें छह सौ सीटों पर नामांकन लिया जाएगा। बिहार की बात करें तो यहां सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 1150 सीटें हैं। प्राइवेट कॉलेजों को जोड़ दिया जाए तो सीटों की संख्या तीन हजार के आसपास है। देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 660 हो गयी है।

प्रावधान चार साल में फर्स्ट ईयर पास करना होगा

अब एमबीबीएस छात्रों को पहले वर्ष को पास करने के लिए अधिकतम चार साल का समय दिया जाएगा। यदि चार साल में भी कोई छात्र पहले वर्ष (फर्स्ट ईयर) को क्लियर नहीं कर पाता है तो उसे बाहर कर दिया जाएगा। पहले ऐसा प्रावधान नहीं था। वहीं एमबीबीएस के पूरे कोर्स को पास करने के लिए नौ साल का समय दिया जाएगा। इससे पहले 10 साल का समय था। नीट यूजी की परीक्षा वहीं छात्र दे सकेंगे, जिन्होंने 12वीं में फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी और इंग्लिश विषय से पढ़ाई की है। एकेयू के पूर्व डीन सह तुर्की मेडिकल कॉलेज के निदेशक राजीव रंजन ने बताया कि एनएमसी ने नए सत्र की अधिसूचना जारी करते हुए उक्त बदलाव किया है।

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अब मेडिकल कॉलेजों में भी होगा छात्र संघ चुनाव

इस बार नए प्रस्ताव के तहत मेडिकल कॉलेजों में भी छात्रसंघ चुनाव कराया जाएगा। चुने हुए प्रतिनिधि कॉलेजों के छात्रों की समस्याओं को संबंधित अधिकारियों के पास लिखित तौर पर रख सकेंगे। वहीं कॉलेज प्रशासन और छात्र संघ के बीच हुई वार्ता को आम छात्रों के बीच रखा जाएगा।

संवेदनशील केन्द्रों पर सेंटर नहीं होगा एनटीए निदेशक ने बताया कि परीक्षा केन्द्रों का चयन करने के पहले संबंधित राज्यों के पदाधिकारियों से फीडबैक लिया जाएगा। संवेदशील केन्द्रों पर सेंटर नहीं होगा। फर्जी परीक्षार्थी नहीं बैठे इसके लिए कई स्तरों पर जांच होगी।