NTA NEET UG : अब एनटीए नहीं लेगा नीट यूजी परीक्षा, मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा में बड़ा बदलाव.

देशभर में एमबीबीएस में एडमिशन की तैयारी कर रहे लाखों में द्वारों के लिए बड़ी खबर है। जल्द ही एमबीबीएस एडमिशन को लेकर होने वाली एंट्रेंस परीक्षा नीट यूजी में बड़ा बदलाव हो सकता है। इसको लेकर नेशनल मेडिकल कमीशन एनएमसी ने नया ड्राफ्ट तैयार किया है। अब मेडिकल में प्रवेश के लिए होने वाली नीट एनएमसी या किसी अन्य अथॉरिटी से कराने का प्रस्ताव रखा गया है या नहीं अब नीट की परीक्षा एनटीए नहीं लेगा।

फिलहाल नीट का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) करती है। अगर नया प्रस्ताव लागू हुआ तो एमबीबीएस के पूरे कोर्स को अधिकतम नौ साल में पूरा करना होगा। पहले वर्ष को पास करने के लिए छात्रों को पूर्व निर्धारित अधिकतम चार अटेम्प्ट मिलेंगे।

नीट यूजी परीक्षा में नंबर टाई होने की स्थिति में लॉटरी के जरिए फैसला लिया जाएगा। नंबर समान होने पर क्रमशः बायोलॉजी, केमिस्ट्री और फिर फिजिक्स के मार्क्स देखे जाएंगे। फिर भी टाई रहा तो कंप्यूटर की मदद से लॉटरी निकालकर कैंडिडेट चुने जाएंगे।

मेडिकल इंस्टीट्यूट नियमों का उल्लंघन करने वाले छात्रों को एडमिशन देना भारी पड़ सकता है। पहली बार ऐसा करने पर मेडिकल संस्थान को 50 लाख रु. जुर्माना भरना पड़ेगा। दूसरी बार एक करोड़ की राशि देनी होगी और बार-बार गलती दोहराने पर एडमिशन देने पर रोक लगा दी जाएगी।