SBI Vs Post Office : SBI और Post Office में कौन दे रहा सबसे ज्यादा रिटर्न, पढ़ें पूरी डिटेल.

SBI Vs Post Office : आज के समय हर कोई मंथली इनकम के लिए निवेश करता है। ये प्लान निवेशकों के लिए काफी बेहतरीन ऑप्शन के तौर पर माना जाता है। इसमें हमें बिना किसी रिस्क के कवर के हर महीने निवेश की मैच्योरिटी तक एक रेगुलर इनकम की गारंटी मिलती है।

वहीं मंथली इनकम प्लान खासतौर पर ज्यादा आयु के लोगों को एक बेहतरीन ऑप्शन देता है। जिसमें वह अपने व्यक्तिगत इनकम को भी बढ़ा सकते हैं और इसे अपने इनकम का दूसरा जरिया भी बना सकते हैं। SBI और पोस्ट ऑफिस दोनों अपने-अपने मंथली इनकम प्लान की स्कीम दे रहे हैं। आज हम जानेंगे कि कौन सा प्लान बेहतरीन है और कौन हमें ज्यादा ब्याज दे रहा है।

SBI का मंथली इनकम डिपॉजिट प्लान

ये एक मासिक इनकम स्कीम है जिसमें हम कुछ रकम पैसे के रूप में जमा करते हैं और हमें हर महीने के आखिर में हमारी मूल पूंजी के साथ में कुछ ब्याज भी मिलता है। SBI का डिपॉजिट प्लान मैच्योरिटी की समय सीमा 36, 60, 84 और 120 महीने है। SBI ने 14 जून 2022 को अपने टर्म डिपॉजिट और मंथली डिपॉजिट स्कीम में बदलाव किया है।

इस बदलाव के बाद बैंक अब लोगों को 5.45 फीसदी से 5.50 फीसदी और बुजुर्गों को 5.95 फीसदी से 6.30 फीसदी तक का सालना ब्याज देगा। अपनी वेबसाइट के द्वारा SBI ने कहा कि हम अपने निवेशकों को निवेश के शुरुआती महीने के 1 साल के बाद पेमेंट होगा।

SBI Vs Post Office

पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में बालिग ही खाता ओपन कर सकते हैं। इसके साथ में इसमें तीन लोग ज्वाइंट खाता ओपन कर सकते हैं। इस खाते को खोलने में उसे कम से कम 1 हजार रुपये और इसके मल्टीपल रुपया जमा करना होगा। वहीं सिगंल खाते में 4.5 लाख रुपये तक का निवेश कर सकते हैं।

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वहीं ज्वाइंट खाता खोलने के लिए 9 लाख रुपये की जरुरत होती है। पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में 5 सालों के लिए निवेश करना होता है। इसके साथ में 6.6 फीसदी की दर से सालना ब्याज मिलेगा। यदि किसी खाता धारक की 5 साल के बाद मैच्योरिटी पीरियड से पहले मौत हो जाती है तो सारा पैसा लीगल नॉमिनी को ही मिलेगा।

एसबीआई और पोस्ट ऑफिस की मंथली इनकम स्कीम को देखते हुए साफ तौर पर कहा जा सकता है कि पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम, एसबीआई की मंथली इनकम स्कीम की अपेक्षा सिमिलर फायदों के साथ में ज्यादा ब्याज ऑफर किया जा रहा है।