Stronger Regulations For Bigger Unlisted Firms : Byju’s से सबक! अनलिस्टेड कंपनियों के लिए सख्त कानून बना सकती है कंपनी लॉ कमिटी.

Stronger Regulations For Bigger Unlisted Firms : कंपनी लॉ कमिटी बड़ी अनलिस्टेड कंपनियों के लिए कड़े कानून बना सकती है। CNBC-TV18 ने 25 सितंबर को सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी। इस रिपोर्ट के मुताबिक, कमिटी बड़ी अनलिस्टेड कंपनियों के कड़े फाइनेंशियल रेगुलेशन पर विचार कर रही है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कड़े नियम लाने से पहले पैनल ‘बड़ी’ कंपनियों को परिभाषित कर सकती है।

कंपनी लॉ कमिटी के इस कदम की वजह एडटेक Byju’s में हुई गड़बड़ियों को माना जा रहा है। Byju’s के कई ऑडिटर्स ने कुछ महीने पहले कंपनी से इस्तीफा दे दिया था। इस बीच तीन बोर्ड मेंबर्स ने भी फाउंडर बायजू रविंद्रन के साथ मतभेद का जिक्र करते हुए इस्तीफा दे दिया था। यह देश की सबसे वैल्यूड स्टार्टअप के लिए बहुत बड़ा झटका था। जिन लोगों ने Byju’s से रिजाइन किया था उनमें सिकोइया कैपिटल के जीवी रविशंकर, चान जकरबर्ग इनिशियेटिव के विवियन वु और प्रॉसस के रसेल ड्रेजेनस्टॉक शामिल हैं।

इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि अनलिस्टेड कंपनियों की तरफ से तिमाही स्टेटमेंट जमा करने का नियम लागू करने पर विचार किया जा रहा है। ताकि उनकी वित्तीय स्थिति की निगरानी की जा सके। इसके साथ ही कमिटी जरूरत पड़ने पर बड़ी अनलिस्टेड कंपनियों के लिए सख्त फ्रेम वर्क बना सकती है।
सेबी के पूर्व चेयरमैन अजय त्यागी ने कहा था कि मेच्योर स्टार्टअप्स के लिए मजबूत कॉरपोरेट गवर्नेंस की जरूरत होती है। सूत्रों ने यह भी बताया कि बड़ी अनलिस्टेड कंपनियों के लिए सख्त कानून बनाने की खातिर इंटर-मिनिस्ट्रियल डिस्कशन भी किया जाएगा।

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इस बीच बायजूज ने 1.2 अरब डॉलर का टर्म लोन B (TLB) अगले 6 महीनों के भीतर लेंडर्स को चुकाने का वादा किया है। इस कदम से एडटेक कंपनी को राहत मिली है।