Sukanya Samriddhi Yojana : सुकन्या समृद्धि योजना के नियमों में हुआ बड़ा बदलाव, तुरंत जानें

Sukanya Samriddhi Yojana : साल 2015 में नरेंद्र मोदी सरकार ने बालिकाओं के लिए सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की शुरुआत की थी। इस योजना के जरिए आप अपनी बिटिया की शादी या पढ़ाई के लिए मोटी रकम का इंतजाम कर सकते हैं। चालू वित्त वर्ष में सरकार ने सुकन्या योजना से जुड़े एक अहम नियम में बदलाव किया है।
क्या है नया नियम
अब सुकन्या समृद्धि जैसी डाकघर योजनाओं में निवेश करने के लिए पैन और आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया गया है। अब निवेश के लिए आधार नंबर या आधार नामांकन पर्ची अनिवार्य है। अगर खाता खोलते समय आधार संख्या उपलब्ध नहीं है, तो आधार संख्या के लिए नामांकन पर्ची का प्रमाण देना होगा। इसके अलावा खाता खोलने की तारीख से छह महीने के भीतर आधार नंबर की जानकारी देनी होगी। बता दें कि पहले आधार के बिना भी निवेश किया जा सकता था।
नहीं किया तो क्या होगा
आपने आधार नंबर की जानकारी नहीं दी तो खाते में निवेश नहीं कर पाएंगे। वित्त मंत्रालय के एक नोटिफिकेशन के मुताबिक सुकन्या समृद्धि जैसी डाकघर योजनाओं के अकाउंट खोलते समय पैन या फॉर्म 60 सब्मिट करना होगा। यदि अकाउंट खोलते समय पैन जमा नहीं किया गया है, तो इसे कुछ खास स्थिति में दो महीने के भीतर जमा करना होगा।
स्कीम के बारे में
बता दें कि सुकन्या समृद्धि के लिए सरकार की ओर से 8 प्रतिशत का ब्याज दिया जा रहा है। सुकन्या समृद्धि योजना में एक साल में 1.5 लाख रुपये से ज्यादा जमा नहीं कराए जा सकते। वहीं, कम से कम 500 रुपये के निवेश से भी अकाउंट खोला जा सकता है। इस योजना में 1 से लेकर 10 से कम उम्र की बेटियों का खाता खोला जा सकता है। इस अकाउंट के मैच्योर होने पर भी आपको किसी तरह का टैक्स नहीं देना पड़ेगा। इसको आयकर कानून की धारा 80C के तहत कर मुक्त यानी टैक्स से छूट दी गई है।