Mbbs BDS Seats Are Being Done : मेडिकल कॉलेजों MBBS BDS सीटों में कागजों पर हो रही नियुक्ति -एनएमसी घोस्ट फैकल्टी और सीनियर रेजिडेंट पाए गए.

Mbbs BDS Seats Are Being Done : राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग (एनएमसी) ने कहा है कि 2022-23 के दौरान मेडिकल कॉलेजों के मूल्यांकन में अधिकांश में कागजों पर ही नियुक्तियां पाई गईं। मूल्यांकन में पाया गया कि ज्यादातर संस्थानों में ‘घोस्ट फैकल्टी’ और सीनियर रेजिडेंट (चिकित्सक) पाए गए। मूल्यांकन में एक भी संस्थान 50 फीसदी आवश्यक उपस्थिति के मानक पर खरा नहीं उतरा।

आयोग ने अपने जवाब में कहा कि ‘इन कॉलेजों की ‘आधार’ आधारित बायोमीट्रिक उपस्थिति की जांच में हमें यह देखकर आश्चर्य हुआ कि न्यूनतम मानक आवश्यकता (एमएसआर)-2020 के अनुसार जरूरतों को पूरा करने के लिए संकाय सदस्यों और सीनियर रेजिडेंट चिकित्सकों के नियोजन के संबंध में सभी कॉलेज शत प्रतिशत विफल रहे हैं।’ आयोग ने कहा कि इससे केवल यही साबित होता है कि कागजी आंकड़े के अनुसार 134 कॉलेजों में आपातकालीन चिकित्सा विभाग हैं, लेकिन वास्तविक तथ्य कुछ और ही तस्वीर पेश करते हैं। इसमें कहा गया है कि अधिकांश कॉलेजों में घोस्ट फैकल्टी और सीनियर रेजिडेंट चिकित्सक थे या किसी संकाय सदस्य की नियुक्ति ही नहीं की गई थी।

घोस्ट फैकल्टी का मतलब ऐसे संकाय सदस्यों से है जो वेतन तो पा रहे हैं लेकिन काम पर नहीं आ रहे हैं। आयोग ने जवाब में कहा कि कॉलेजों को इन कमियों को पूरा करने के लिए पर्याप्त समयके बावजूद कोई भी कॉलेज 50 उपस्थिति की आवश्यकता को भी पूरा नहीं कर पाया और शून्य उपस्थिति अब भी आम बात थी।