Success Story : 600 रुपये कमाने वाले ने बनाई अरबों की कंपनी IIT और NIT नहीं, इस सरकारी कॉलेज से की थी इंजीनियरिंग.

Success Story : कहते हैं कि सपना सफलता की ओर पहला कदम है. सभी बड़ी उपलब्धियां सपने से शुरू होती हैं. एक सपना देश की सबसे बड़ी कंप्यूटर हार्डवेयर कंपनी एचसीएल के संस्थापक डॉ. अजय चौधरी ने भी देखा था. उस वक्त वह महज 600 रुपये महीने की नौकरी कर रहे थे. आज एचसीएल 10 बिलियन डॉलर की कंपनी है.

हाल ही में एचसीएल के सह संस्थापक डॉ. अजय चौधरी की किताब जस्ट एस्पायर लॉन्च हुई है. यह किताब एक लाख 86 हजार रुपये से 10 बिलियन डॉलर की कंपनी तक पहुंचने की कहानी है. डॉ. रीवा के रहने वाले हैं. उनके पिता आईएएस अधिकारी थे. जिसके चलते उनका जन्म राजस्थान के माउंट आबू में हुआ था और फिर पिता के साथ जबलपुर समेत विभिन्न शहरों में रहने का मौका मिला.

जबलपुर से किया बीटेक

डॉ. अजय चौधरी ने जबलपुर के गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज से बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है. इसके बाद उन्होंने 600 रुपये महीने सैलरी पर नौकरी शुरू की. लेकिन उनका मन नौकरी करने की बजाए अपना कारोबार शुरू करने का था. इसलिए उन्होंने तीन साल बाद यह नौकरी छोड़ दी.

एक लाख 86 हजार से शुरू हुई कंपनी

डॉ. चौधरी ने शिव नाडर और अर्जुन मल्होत्रा सहित पांच लोगों के साथ मिलकर एक लाख 86 हजार रुपये से एचसीएल टेक्नोलॉजीज नाम की कंपनी शुरू की. इसमें डॉ. चौधरी के 11000 रुपये शामिल थे. यह पैसे उनकी मां ने दिए थे. कंपनी ने शुरुआती दिनों में कंपनी ने दक्षिण भारत के मार्केट पर फोकस किया. चेन्नई और कोयंबटूर जैसे बिजनेस हब एरिया में मजबूत पकड़ बनाई. इसके बाद इसका विस्तार भारत से बाहर चीन और हांगकांग सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों भी हुआ. डॉ. चौधरी साल 1999 से 2012 तक एचसीएचल के चेयरमैन रहे. इस दौरान उन्होंने कंपनी की ग्रोथ और इनोवेशन पर काफी फोकस किया.

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पद्म भूषण से हो चुके हैं सम्मानित

भारत सरकार ने डॉ. चौधरी के अहम योगदान के लिए उन्हें साल 2011 में देश के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक पद्म भूषण से सम्मानित किया था. डॉ. चौधरी आईआईटी हैदराबाद और आईआईटी पटना जैसे इंस्टीट्यूशन के बोर्ड में भी रह चुके हैं.