New Policy Over Bike Taxi : फिर शुरू होगी बाइक टैक्सी! बाइक टैक्सी को लेकर बनी नई नीति.

देश की राजधानी दिल्ली में बाइक टैक्सी चलाने को लेकर सरकार ने अपनी नीति को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इस नीति के तहत केवल इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों को ही बाइक टैक्सी के रूप में अनुमति देने का प्रस्ताव है। इस बारे में अधिकारियों ने मंगलवार को जानकारी दी है।

परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा है कि दो पहिया, तीन पहिया और चार पहिया वाहनों से जुड़ी संबंधित नीति अंतिम चरण में है और उसे शीघ्र ही लागू कर दिया जाएगा। वहीँ इस मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि संबंधित नीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है और इसमें इन वाहनों को विनियमित करने के लिए प्रावधान शामिल करने की योजना है।

दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग के वाणिज्यिक उद्देश्यों के इस्तेमाल किए जा रहे हैं निजी पंजीयन वाले दुपहिया वाहनों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि विभाग ने लीगल डिपार्टमेंट को स्कूटनी के प्रपोजल भेजा है और जल्दी विभाग ध्यान करेगा। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर आशीष कुंद्रा ने कहा है कि जो फ्रेमवर्क तैयार किया गया है उसमें एग्रीगेटर्स को पूर्ण रूप से इलेक्ट्रिक बाइक का इस्तेमाल करने को कहा गया है। इसके अलावा ड्राइवरों की सत्यता की जांच पुलिस से करवाने ड्राइवरों के लिए लाइसेंस और परमिट अप्लाई करने तथा मोटरसाइकिल के कमर्शियल रजिस्ट्रेशन की भी बात कही गई है।

उन्होंने कहा कि व्हीकल में यात्रियों की सुरक्षा के लिए जीपीएस भी लगाना पड़ेगा। परिवहन मंत्री ने कहा कि 2 पहिया की तीन पहिया और चार पहिया वाहनों के लिए बनाए जा रहे नीति अपने अंतिम चरण में है और जल्द ही इसे पूरे दिल्ली में लागू कर दिया जाएगा।

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फिलहाल, ओला, उबर और रैपीडो जैसी टैक्सी की सेवा देने वाले कंपनियों किफायती होने की वजह से इतनी लोकप्रिय हो गई है। चार पहिया और तीन पहिया वाहनों की तुलना में बाइक टैक्सी कम वक्त एवं काम किराया में यात्रियों को उनके मंजिल तक पहुंचाती है। आंकड़े के मुताबिक दिल्ली में विभिन्न ride-sharing प्लेटफार्म भर हफ्ते 5 से 7.5 लाख तक पूरे करते हैं।

आपको बताते चलें कि परिवहन विभाग में अपनी रिपोर्ट में कहा था कि ऐसी जानकारी सामने आई है कि गैर परिवहन पंजीकरण के दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल किराए के लिए किया जा रहा है। इसका मतलब कमर्शियल रजिस्ट्रेशन वाले गाड़ियों का इस्तेमाल कमर्शियल जगह पर किया जा रहा है। जो कमर्शियल ऑपरेशन और मोटर व्हीकल नियम 1988 का उल्लंघन है। इसके साथ ही सरकार ने दिल्ली सरकार ने आधारित को सेवा देने से पाबंदी सेवा देने पर पाबंदी लगा दी थी। नए नियमों के साथ यह दोबारा शुरू हो जाएगी।