Diabetes : देर रात तक जगने से बढ़ सकता है Blood Sugar जानिए रोजाना कितने घंटे सोना चाहिए.

Diabetes : देर रात तक या रात भर जागने वालों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी लाइफ स्टाइल में जरूर बदलाव करें। डायबिटीज के मरीजों को अपनी लाइफ स्टाइल और खानपान पर खास तौर से ध्यान देने की जरूरत होती है। डायबिटीज टाइप 2 (Type 2 Diabetes) से पीड़ित मरीजों के लिए नींद की अहमियत काफी ज्यादा बढ़ जाती है। हेल्थ से जुड़े जानकारों का कहना है कि अगर डायबिटीज के मरीज पर्याप्त नींद नहीं ले रहे हैं तो उनके ब्लड शुगर लेवल पर गलत असर पड़ सकता है। नींद सेहत के लिए उतना ही जरूरी है। जितना व्यायाम और भोजन।

बेहद कम नींद लेने से तनाव बढ़ सकता है। जिससे कोर्टिसोल हार्मोन बनने लगता है। जिससे ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है। लिहाजा डायबिटीज के मरीजों को पर्याप्त नींद लेना बेहद जरूरी है। कुछ लोगों के ऐसे काम होते हैं। जिसमें देर रात तक जागना पड़ता है। लिहाजा उन्हें सावधान रहने की जरूरत है।

डायबिटीज के मरीजों को कितने घंटे सोना चाहिए?
जब ब्लड शुगर बहुत अधिक या बहुत कम होता है, तो रात में नींद न आने की समस्या हो सकती है। टाइप 2 डायबिटीज- के मरीजों को अपना ब्लड शुगर लेवल हमेशा कंट्रोल रखना चाहिए। ताकि पर्याप्त नींद ले सकें। अगर रात में नींद न आती हो तो दिन में न सोएं। अपने सोने का समय तय करें। जिसे पूरे हफ्ते पालन करें। रोजाना 7-8 घंटे सोना बेहद जरूरी है। इससे ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। रात में शराब का सेवन करने से नींद की गुणवत्ता में गिरावट आती है। ज्यादातर लोगों को ऐसा लगता है कि शराब पीने के बाद गहरी नींद आती है। लेकिन ऐसा नहीं होता। अल्कोहॉल आपके दिमाग को बैचेन करता है। साथ ही ब्लड शुगर के लेवल को बढ़ाने का काम करता है।
फिजिकल एक्टीविटी न करने से बढ़ता है ब्लड शुगर

कई लोग शारीरिक गतिविधियों पर खास तौर से ध्यान नहीं देते हैं। लोग बहाना बनाते हैं कि उनके पास समय नहीं है। जब शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है तो शरीर में कई तरह की समस्याएं पैदा होने लगती हैं। फिजिकल एक्टिविटी से सेहत के साथ-साथ शुगर लेवल भी सही रहता है। लिहाजा व्यायाम करते रहना चाहिए।