Leakage Solution for Roof : ये 5 देसी जुगाड़ आएंगे आपके काम बारिश के मौसम में घर की छत टपकने से हैं परेशान?

Leakage Solution for Roof : बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत देता है, वहीं अपने साथ कई परेशानियां भी लाता है. कुछ लोगों के घरों में बारिश का पानी घुस जाता है, तो कुछ के घरों की दीवारों पर पानी के कारण सीलन लग जाती है. कुछ लोग तो टपकती छत से परेशान रहते हैं. लाख कोशिशों के बाद भी पानी टपकना बंद नहीं होता. गांव, छोटे शहरों के साथ ही अब ये समस्या मेट्रो सिटी में बने घरों में भी देखने को मिलती है. अच्छा खासा लेंटर भी इस मौसम में टपकना शुरू कर देता है. इस टपकते पानी के कारण घर की दीवारों पर सीलन भी लगनी शुरू हो जाती है. ये समस्या सही सीमेंट या वाटरप्रूफ सीमेंट ना लगे होने से भी आती है. हालांकि, ये काफी महंगा होता है. परेशान होने की जरूरत नहीं है. आप बारिश में होने वाली इस समस्या से परेशान हैं तो छट टपकने की समस्या को बेहद आसान उपायों से रोक सकते हैं. साथ ही सीलन भी नहीं होगी और छत पर पानी भी जमा नहीं होगा.

बारिश में छत से टपकते पानी को रोकने के उपाय
1. आपके घर के छत से पानी टपक रहा है तो आप इसके लिए पेट्रोल और थर्मोकोल का यूज कर सकते हैं. थर्मोकोल को बिल्कुल छोटा-छोटा तोड़कर चूरा सा बना लें. इसे थोड़े से पेट्रोल में डाल दें. जब आप थर्मोकोल को पेट्रोल में डालेंगे तो ये घुल जाएंगे और पेस्ट की तरह बन जाएगा. इस पेस्ट को जहां-जहां दीवारों पर दरार है, वहां भर दें. तीन से चार घंटे इसे ऐसे ही रहने दें. ये काफी मजबूत होता है. जब ये सूख जाएगा तो छत और बाकी दीवारों में हुए दरारों से पानी नहीं निकलेगा.

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2. चाहते हैं कि छत की दीवार से पानी ना टपके तो बारिश का सीजन शुरू होने से पहले ही पानी को दीवार के अंदरूनी हिस्सों में जाने से रोकने के लिए दीवारों की बाहरी परतों का भी ध्यान रखें. दीवार में होने वाले सभी लीकेज को ठीक करने के लिए प्रत्येक 4 से 5 साल में वॉटरप्रूफ कोटिंग से दोबारा पेंट कराएं. इससे बारिश के मौसम में दीवारें खराब नहीं होंगी और ना ही टपकेंगी.

3. यदि दीवारें नम और गीली हैं, तो दीवारों में दरारें और छेद की सावधानीपूर्वक जांच करें. आम तौर पर, दरारें दरवाजे और खिड़कियों के पास होती हैं, जो नमी बरकरार रखती हैं और दीवार को अधिक नुकसान पहुंचाती हैं. दरारों पर क्रैक-फिल पुट्टी (crack-fill putty) लगाएं. सभी ढीले प्लास्टर को हटा दें. चाहते हैं कि पानी ना टपके तो दीवारों को वाटरप्रूफ कोटिंग से दोबारा रंगवाएं.

4. कुछ लोगों के घरों के बाथरूम, कमरे में इतना पानी टपकता है कि बाल्टी तक रखने की जरूरत पड़ जाती है. आप आसानी से डैमेज हुए छत की लीकेज को रोक सकते हैं. ये जानने की कोशिश करें कि लीकेज की वजह क्या है, कितना भाग डैमेज हो चुका है. अधिक बड़ी दरारे हैं तो आपको एक्सपर्ट की मदद लेनी पड़ सकती है. गीले सतह की दरार को भरना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. ऐसे में पहले डैमेज भाग को पंखा चलाकर सुखा दें. आप कपड़े की मदद से भी उस दीवार को पोछ सकते हैं.

5. छोटी सी दरार है तो आप पहले सीमेंट लगा दें. जब यह सूख जाए तो उसके ऊपर पेंट कर दें. काफी हद तक लीकेज की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा. घर बनवाते समय ही वाटरप्रूफ सीमेंट, वाटरप्रूफ टाइल्स को दीवारों, छतों पर लगावाएं ताकि ये नमी के कारण खराब न हों. जीवनभर की परेशानी से बचने के लिए अच्छी क्वालिटी का सीमेंट, पेंट, टाइल्स आदि लगवाएं.

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