Action Regarding Pollution Gurugram : प्रदूषण को लेकर ऐक्शन में गुरुग्राम जिला प्रशासन डीएम ने लगाया पटाखे बनाने बेचने और स्टोर करने पर बैन.

Action Regarding Pollution Gurugram  : गुरुग्राम जिला प्रशासन ने 28 सितंबर को एक आदेश जारी कर सभी तरह के पटाखों को बनाने, उनको बेचने और स्टोर करने पर बैन लगा दिया। गुरुग्राम में पटाखों पर लगाया गया यह बैन 1 नवंबर 2023 से 31 जनवरी 2024 तक प्रभावी रहेगा। हालांकि इस बैन में ग्रीन पटाखों को शामिल नहीं किया गया है। इनको भी दीवाली, 31 दिसंबर की रात, क्रिसमस और गुरु पर्व के मौके पर सीमित समय के लिए ही मंजूरी दी जाएगी। बैन लगाने का फैसला IPC की धारा 144 के तहत लिया गया है।
दीवाली पर कब तक फोड़ सकेंगे पटाखे

दीवाली और गुरुपर्व जैसे त्योहारों के दौरान रात को 8 बजे से 10 बजे तक ही ग्रीन पटाखे फोड़ सकेंगे। वहीं क्रिसमस और 31 दिसंबर को रात को 11.55 बजे से 12.30 बजे तक ग्रीन पटाखे फोड़े जा सकेंगे। गुरुग्राम कमीश्नर निशांत यादव की तरफ से गुरुवार जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि सीआरपीसी 1973 की धारा 144, विस्फोटक अधिनियम, 1884 और विस्फोटक नियम और अन्य सक्षम शक्तियों के आधार पर मुझमें निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला मजिस्ट्रेट, गुरूग्राम के रूप में, मैं गुरूग्राम जिले में 1 नवंबर, 2023 से 31 जनवरी, 2024 तक हरे पटाखों को छोड़कर अन्य पटाखों के निर्माण, बिक्री, फोड़ने और उपयोग पर प्रतिबंध लगाता हूं। इसके अलावा मैं आतिशबाजी में बेरियम लॉल्ट पर प्रतिबंध लगाता हूं क्योंकि इससे वायु और ध्वनि प्रदूषण होता है।

2018 में सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों पर लगाया था बैन

साल 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने पटाखे पर पूरी तरह से बैन लगा दिया था। लेकिन इसमें लाइसेंस वाले व्यापारियों को कम प्रदूषण वाले और ग्रीन पटाखों को बेचने की छूट दी गई थी। निशांत यादव ने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को सुप्रीम कोर्ट और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों के पालन में एयर क्वालिटी की निगरानी करने और संबंधित वेबसाइटों पर डेटा रिपोर्ट करने का भी निर्देश दिया।

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फ्लिपकार्ट और एमेजॉन पर पटाखों की बिक्री पर रोक

गुरुग्राम के कमीश्नर निशांत यादव ने पटाखों को रखने, उनको बेचने और बनाने के बारे में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1884 और विस्फोटक पदार्थ नियम 2008 के तहत आदेश जारी किए। सीआरपीसी की धारा 144 के तहत फ्लिपकार्ट और एमेजॉन को भी पटाखों के लिए ऑनलाइन ऑर्डर मंजूर नहीं करने का निर्देश दिया गया था।