Bihar Second Synthetic Track Made In Purnia : पूर्णिया में बना बिहार का दूसरा सिंथेटिक ट्रैक नीतीश कुमार ने मिथिला को दिया एक और बड़ा तोहफा.

नीतीश कुमार की सरकार ने एक बड़ी सौगात पूर्णिया को दी है. पूर्णिया में बिहार का दूसरा सिथेंटिक ट्रैक बनकर तैयार हो गया है. अब सब कुछ ठीक ठाक रहा तो पूर्णिया में अंतरराष्ट्रीय स्तर का सिथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक का उद्घाटन इसी वर्ष हो जायेगा. इस स्टेडियम के बन जाने के बाद पूर्वी बिहार के युवाओं को अब यहां एथलीट्स बनने का अवसर मिलेगा. राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रिय स्तर के धावक भी यहां दौड़ते नजर आएंगे. पूर्णिया में बने इस ट्रैक पर 200, 400, 800 और 1600 मीटर की दौड़ करायी जा सकती है. इसके अलावा यहां बाधा दौड़ का भी आयोजन अब संभव हो जायेगा. उदघाटन के बाद यहां राज्य के साथ ही राष्ट्रीय स्तर के एथलीट्स दौड़ते नजर आएंगे. इसके बनने से स्थानीय लोग काफी खुश हैं. खासकर युवाओं में इसको लेकर खास उत्साह है.
बिहार के खेल जगत के लिए यह बड़ी उपलब्धि
पूर्णिया विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले इंदिरा गांधी स्टेडियम में इस खूबसूरत राष्ट्रीय स्तर के सिथेंटिक ट्रैक के निर्माण का काम अंतिम चरण में है. इस पर करीब 7.5 करोड़ की लागत आयी है. इस ट्रैक को पटना की एक निजी एजेंसी ने तैयार किया है. बिहार के खेल जगत के लिए यह बड़ी उपलब्धि है. बताया जाता है कि इस ट्रैक के निर्माण से एथलेटिक्स के खिलाड़ियों को काफी फायदा मिलेगी. उन्हें प्रैक्टिस का मौका मिलेगा. साथ ही यहां राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं भी अब संभव हो पायेंगी. खेलो इंडिया अभियान के अंतर्गत यह परियोजना धरातल पर उतर रही है. तैयार होने के बाद इसके प्रबंधन समेत इसकी सारी जिम्मेवारी पूर्णिया विश्वविद्यालय को सौंप दी जाएगी.
बिहार सरकार पर इसके निर्माण की जिम्मेवारी

केंद्र सरकार द्वारा खेलो इंडिया अभियान के तहत इसके लिए पूर्व में ही सात करोड़ की राशि आवंटित की जा चुकी है. भारतीय खेल प्राधिकरण के सौजन्य से पूर्णिया में इसका निर्माण किया जा रहा है. बिहार सरकार पर इसके निर्माण की जिम्मेवारी है. इसके लिए एक साल पूर्व निविदा भी हुई थी, लेकिन इसमें तकनीकी अड़चन के कारण प्रक्रिया रुक गई थी. बाद में नये सिरे से निविदा निकालकर इसका निर्माण कराया जा रहा है. प्राधिकरण की टीम ने किया था स्थल निरीक्षण दो वर्ष पूर्व ही पूर्णिया विश्वविद्यालय के इस प्रस्ताव को मंजूरी मिली थी. निर्माण कार्य को लेकर भारतीय खेल प्राधिकरण की टीम भी यहां स्थल निरीक्षण को पहुंची थी. टीम के अंतिम मुहर लगते ही इसकी राशि भी आवंटित कर दी गई थी. इसमें मैदान के साथ हॉल भी शामिल होगा.

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15 करोड़ की लागत मल्टीपरपस हॉल बनाने का भी प्रस्ताव

मैदान के चारों तरफ गोलाई में ट्रैक बनाया गया है. लाल ट्रैक के बीच बीच में सफेद धारी लगाया गया है. अभी सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्टेडियम के सभी दिशाओं के गेट को बंद रखा गया है. इसके संबंध में पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर डा राजनाथ यादव ने कहा कि बिहार का दूसरा सिथेंटिक ट्रैक पूर्णिया में बना है, यह गर्व की बात है. इससे पहले बिहार में केवल पटना में पाटलिपुत्र खेल परिसर में ही खिलाड़ियों को यह सुविधा उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि आनेवाले समय में यहां राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन होगा. इसके अलावा युवा कल्याण विभाग को 15 करोड़ की लागत मल्टीपरपस हॉल बनाने का प्रस्ताव भेजा है जिसमें इंडोर गेम्स खेला जाएगा.

अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन भी होगा संभव

इससे विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेज के खिलाड़ियों को जहां इस क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा, वहीं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का खेल आयोजन भी यहां संभव होगा. एक्सीलेंस सेंटर के तौर पर यह तैयार होगा. दरअसल भारतीय खेल प्राधिकरण निजी और सरकारी संस्था के पास उपलब्ध जमीन पर खेल की आधारभूत संरचना का विकास कर रही है. इसके लिए देशभर में सभी से प्रोजेक्ट तैयार कर मांगा गया था. उसी संदर्भ में विश्वविद्यालय ने भी उपलब्ध जमीन के लिए एक प्रोजेक्ट भेजा था, जिसको मंजूर कर लिया गया. अब सात करोड़ की लागत सिथेटिक एथलेटिक्स ट्रैक का निर्माण इंदिरा गांधी स्टेडियम में हो चुका है. उम्मीद है जल्द ही इसका उदघाटन कर दिया जायेगा.