Sebi Imposed : Sebi ने दो कंपनियों और 7 व्यक्तियों पर 2.46 करोड़ रुपये का ठोका जुर्माना.

Sebi Imposed : कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी (Sebi) ने 15 सितंबर को नियामक मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए दो कंपनियों और प्रोमोटरों सहित 7 व्यक्तियों पर कुल 2.46 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। दंड के अलावा, सेबी ने गिरीश तलवलकर, प्रशांत तलवलकर, मधुकर तलवलकर, विनायक गावंडे, अनंत गावंडे और हर्ष भटकल पर अलग-अलग अवधि के लिए प्रतिबंध भी लगाया। ये दो कंपनियां Talwalkars Better Value Fitness Ltd (TBVFL) और Talwalkars Healthclubs Ltd (THL) हैं। जबकि गिरीश तलवलकर, प्रशांत तलवलकर, मधुकर तलवलकर, विनायक गावंडे, अनंत गावंडे, हर्ष भटकल प्रोमोटर्स हैं। दो अलग-अलग आदेशों में इन लोगों पर डिस्क्लोजर मानदंडों और PFUTP (धोखाधड़ी और अनुचित ट्रेड प्रैक्टिस की रोकथाम) का उल्लंघन करने के लिए दंड लगाया गया है।

सेबी ने गिरीश, प्रशांत, अनंत, हर्ष प्रत्येक पर 36 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। TBVFL, विनायक, मधुकर प्रत्येक पर 24 लाख रुपये का दंड लगाया है। गिरीश नायक पर 18 लाख रुपये और THL पर 12 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। TBVFL के मामले में रेगुलेटर ने गिरीश तलवलकर, प्रशांत, मधुकर, विनायक, अनंत, हर्ष और गिरीश नायक पर 18 महीने के लिए मार्केट में भाग लेने पर प्रतिबंध लगाया। इन लोगों पर किसी भी लिस्टेड कंपनी या सेबी में पंजीकृत इंटरमीडियरी में काम करने पर भी रोक लगाई है।

अगस्त-अक्टूबर 2019 के दौरान मिली थीं शिकायतें

इसके अलावा, सेबी ने THL के मामले में गिरीश तलवलकर, प्रशांत, अनंत, हर्ष और गिरीश नायक को 18 महीने के लिए बाजार से प्रतिबंधित कर दिया। TBVFL के मामले में इन पर लगाये गये प्रतिबंधों की अवधि समाप्त होने के बाद ये प्रतिबंध शुरू होंगे। सेबी को अगस्त-अक्टूबर 2019 की अवधि के दौरान THL और TBVFL के खिलाफ मिली कई शिकायतों पर सेबी ने ये आदेश दिया है। शिकायतों में कहा गया है कि नकदी बैलेंस होने के बावजूद टर्म डिपॉजिट पर ब्याज के भुगतान में चूक हुई।

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मार्च 2019 को समाप्त वित्तीय नतीजों के अनुसार दोनों कंपनियों (टीबीवीएफएल और टीएचएल) के पास कुल कैश बैलेंस लगभग 77 करोड़ रुपये था। वहीं जुलाई 2019 तक ब्याज भुगतान पर दोनों कंपनियों द्वारा कुल डिफॉल्ट केवल 3.5 करोड़ रुपये (टर्म लोन) था। इससे उनके बुक ऑफ अकाउंट्स की प्रामाणिकता पर संदेह पैदा हो गया।

रेगुलेटर ने प्रारंभिक जांच के बाद इस मामले पर विस्तृत जांच की। इस मामले में केपीएमजी (KPMG) को 4 वित्तीय वर्षों (2016-17 से 2019-20) के लिए TBVFL और THL दोनों के खातों की फोरेंसिक जांच करने में जांच अधिकारियों की सहायता के लिए फोरेंसिक ऑडिटर नियुक्त किया गया। तब जाकर सेबी को जांच के दौरान संदेह हुआ कि निवेशकों को कंपनियों के बारे में बढ़िया तस्वीर पेश करने के लिए उनकी वित्तीय स्थिति में फेरबदल किया गया था।