Vande Bharat Express Cigarette Controversy : ट्रेन में सिगरेट पीते ही बजा फायर अलार्म बिना टिकट कर सकेंगे यात्रा गलती से भी न ले जाएं 13 सामान.

Vande Bharat Express Cigarette Controversy : बीते दिनों आंध्र प्रदेश के तिरुपति से सिकंदराबाद जा रही वंदे भारत ट्रेन में एक यात्री बिना टिकट चढ़ गया। ट्रेन में लगे फायर अलार्म से अनजान वह शख्स टॉयलेट में जाकर सिगरेट पीने लगा।

तभी ट्रेन में अलार्म बजने लगे और कम्पार्टमेंट में एयरोसोल का स्प्रे होने लगा। इससे पैसेंजर डर गए और उन्होंने ट्रेन गार्ड को अलर्ट करने के लिए इमरजेंसी फोन किया। जिसके बाद ट्रेन रुक गई।

आज जानेंगे कि इमरजेंसी में ट्रेन टिकट न होने पर यात्रा कैसे करें, ट्रेन में स्मोकिंग करने का क्या नियम है और किन सामानों को ले जाने पर पाबंदी है…

सवाल: भारत में ​क्या आप ट्रेन में सिगरेट पी सकते हैं या नहीं। इसे लेकर कोई नियम है?

जवाब: बिल्कुल नहीं। रेलवे एक्ट की धारा 167 के तहत ट्रेनों में स्मोकिंग करना जुर्म है। किसी अन्य यात्री के मना करने पर या आपत्ति जताने के बाद डिब्बे में स्मोकिंग करते पाए जाने पर 100 से 500 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

सवाल: डिब्बे यानी कोच के अलावा क्या ट्रेन के टॉयलेट में भी सिगरेट नहीं पी सकते हैं?

​जवाब: इसका जवाब नहीं है। जलती हुई सिगरेट बट या माचिस की तीली को टॉयलेट के कूड़ेदान में फेंकने या कहीं भी फेंकने से आग लग सकती है। इससे काफी नुकसान हो सकता है।

भारतीय रेलवे बोर्ड ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत रेलवे सुरक्षा बल और टिकट जांच कर्मचारियों को, ट्रेनों में सिगरेट पीने वालों के उल्लंघन करने पर सजा देने का प्रावधान है।

लोग ट्रेन से सफर के दौरान अपने साथ काफी सामान ले जाते हैं, जिसमें घर के सामान से लेकर कई अन्य सामान भी शामिल होते हैं। लेकिन कई बार ऐसा करना दिक्कत का कारण बन सकता है।

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रेलवे के नियमों के अनुसार जिन सामानों को ट्रेन में अपने साथ नहीं ले सकते, उसे नीचे लगे क्रिएटिव से समझते हैं-
सवाल: एक यात्री कितना सामान लेकर यात्रा कर सकता है?

जवाब: रेलवे के नियम के मुताबिक, किसी भी ट्रेन में यात्री ज्यादा से ज्यादा 40 से 70 किलो का सामान लेकर ही यात्रा कर सकता है।

टिकट के आधार पर सामान ले जाने की छूट है। जैसे- स्लीपर टिकट पर 40 किलो सामान लेकर सफर किया जा सकता है। जबकि एसी टिकट पर 70 किलो सामान के साथ सफर किया जा सकता है।

अगर इससे ज्यादा सामान लेकर कोई यात्री सफर करता है तो जुर्माना लगाया जा सकता है।

अगर यात्री बड़े आकार का सामान लेकर जाता है तो उसे 30 रुपये का एक्स्ट्रा चार्ज देना होगा।

सवाल: ट्रेन में ऑक्सीजन सिलेंडर या मेडिकल सामान लेकर यात्रा कर सकते हैं?

जवाब: मेडिकल का सामान जैसे ऑक्सीजन सिलेंडर, स्टैंड से लेकर कोई मेडिकल प्रोडक्ट डॉक्टर की सलाह पर साथ ले जा सकते हैं।

सवाल: ट्रेन में अगर कोई मनाही वाले सामानों को लेकर जाता है, तो उसकी सजा का क्या प्रावधान है?

जवाब: रेल यात्रा के दौरान प्रतिबंधित सामान ले जाना अपराध है। अगर आप इन प्रतिबंधित वस्तुओं में किसी तरह की वस्तु यात्रा के दौरान साथ लेकर जा रहे हैं तो आप पर रेलवे एक्ट की धारा 164 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

इस धारा के तहत आप पर 1000 रुपए का जुर्माना या तीन साल की सजा या दोनों की सजा सुनाई जा सकती है।

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सवाल: अगर कहीं घर शिफ्ट कर रहे हैं। घर में इस्तेमाल होने वाले सिलेंडर के साथ बाकी सामान भी है तो कैसे ले जाएं?

जवाब: अगर आप ट्रेन से यात्रा के दौरान गैस सिलेंडर ले जाना चाहते हैं तो आप खाली गैस सिलेंडर रेलवे के ब्रेकयान में बुक करा कर ले जा सकते हैं।

ब्रेकयान अलग डिब्बा होता है जिसमें बुक किया हुआ सामान ले जाया जाता है। वहीं रेलवे के नियमों के अनुसार 20 किलोग्राम तक घी अपने साथ ले जा सकते हैं।

सवाल: ट्रेन में सामान चोरी होने पर किससे शिकायत करें?

जवाब: यात्री 4 लोगों से करें शिकायत

टीटी यानी ट्रेवलिंग टिकट एग्जामिनर

कोच अटेन्डेंट

RPF यानी रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स

GRP एस्कॉर्ट यानी गवर्नमेंट रेलवे पुलिस एस्कॉर्ट

सवाल: क्या हम ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवा सकते हैं?

जवाब: बिल्कुल, यात्री ऑनलाइन शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। रेल मदद ऐप (Rail Madad) या वेबसाइट से आप आसानी से शिकायत कर सकते हैं।

सवाल: क्या रेल मदद ऐप पर सिर्फ सामान चोरी होने की शिकायत ही दर्ज कराई जा सकती है या कोई और भी?

जवाब: किसी भी तरह की शिकायत आप रेल मदद ऐप या वेबसाइट पर कर सकते हैं। जैसे- बाथरूम साफ नहीं है, किसी तरह की चोरी या फिर छेड़छाड़ की घटना। इसके अलावा आप इसके माध्यम से रेलवे को कोई सुझाव भी दे सकते हैं।

सवाल: क्या एक व्यक्ति के टिकट पर परिवार का कोई सदस्य या दोस्त यात्रा कर सकता है?

जवाब: ट्रेन में किसी दूसरे के टिकट पर यात्रा नहीं कर सकते हैं। हां, परिवार के लिए ये नियम थोड़ा अलग है।

परिवार के किसी शख्स की टिकट पर यात्रा कर सकते हैं। बस उसके साथ आपका खून का रिश्ता होना चाहिए।

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जैसे- पेरेंट्स, भाई-बहन, पति-पत्नी या बच्चों के नाम।

सवाल: अगर किसी को अचानक कहीं जाना पड़ जाए और तत्काल का भी ऑप्शन न हो तो क्या वह बिना टिकट ट्रेन में यात्रा कर सकता है?

जवाब: रेलवे के मुताबिक, बिना टिकट ट्रेन में यात्रा करना कानूनन जुर्म है। अगर आपको इमरजेंसी में किसी जरूरी काम से यात्रा करनी है और कंफर्म ट्रेन टिकट नहीं है, तो स्टेशन पर आकर प्लेटफॉर्म टिकट ले लें। ये 10 रुपए में मिल जाता है।

इसके बाद ट्रेन में चढ़ने के बाद टीटीई से मिलें। उन्हें बताएं कि आपको कहां से कहां तक की यात्रा करनी है।

टीटीई के पास हैंड हेल्ड मशीन होती है, जिससे वो ट्रेन के अंदर ही टिकट दे सकता है। फिर आप ट्रेन में यात्रा कर सकते हैं।

नोट: रिजर्वेशन टिकट न होने पर 250 रुपए फाइन यानी जुर्माना और जहां से ट्रेन में चढ़े हैं, वहां से डेस्टिनेशन तक का किराया देना होता है।

सीट खाली होने पर टीटीई आपको सीट भी दे सकता है।